Tuesday, 27 August 2024

आंखों के नीचे काले घेरे हटाने हों, तो ये पहनें

आंखों के बिना दुनिया किसी काले पर्दे से ज्यादा कुछ नहीं है। इसलिए आंखों का खयाल रखना आवश्यक ही नहीं, बल्कि अति आवश्यक है। आज के भागदौड़ भरे जीवन में फास्ट फूड खाने पर निर्भरता, देर रात तक जगना, कम सोना, कई-कई घंटों तक कंप्यूटर-लैपटॉप या टीवी की सामने रहना आदि कुछ ऐसी आदतें हैं जिसने नेत्र रोगों को हर घर में आम बना दिया है। आई-ड्राइनेस हो या आंखों की रोशनी कम होना, आम होने के बावजूद ये परेशानियां उत्पन्न करती हैं। फिर चश्मे और दवाइयों के सिवा और कोई दूसरा उपाय नहीं रह जाता। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र की रत्न चिकित्सा आपकी बहुत मदद कर सकता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे रत्नों के विषय में बता रहे हैं जो आपकी आंखों की परेशानियों को दूर करने में सक्षम माने जाते हैं। ब्लैक एजेट : ज्योतिष शास्त्र की मानें तो यह एक ऐसा रत्न है जिसे अगर नियमित रूप से पलकों पर हल्के हाथों से रगड़ा जाए तो इससे आंखों के नीचे रक्त-संचार बढ़ता है और धीरे-धीरे काले घेरे की समस्या दूर हो जाती है। साथ ही इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है। ऐसा माना जाता है कि इससे सभी प्रकार के नेत्र रोग दूर होते हैं और अगर आंखें स्वस्थ हों तो भी उसमें किसी प्रकार की परेशानी नहीं आती। इसे अंगूठी के रूप में पहनने से भी लाभ होता है। एक्वामरीन : सफेद, हल्का हरा, हलका नीला रंगों में मिलने वाला यह रत्न आई-ड्राइनेस या कहें आंखों का सूखापन दूर करने में चमत्कारी रूप से लाभकारी है। इसके अलावा इससे आंखों की एलर्जी, जलन, खुजली, पानी आने जैसी समस्या भी दूर होती है। आई-ड्राइनेस दूर करने के लिए रातभर इस स्टोन को पानी में रखकर सुबह इस पानी से छींटे मारते हुए आंख धुलना चाहिए। टाइगर जैस्पर : आंखों की रोशनी बढ़ाने में यह विशेष रूप से प्रभावकारी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसे अंगूठी के रूप में पहनने से यह आंखों की मांसपेशियों को लचीला बनाता है और वहां रक्त-संचार बढ़ाता है। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, साथ ही आंखों में चमक भी आती है। जेड : आंखों की गंभीर बीमारियों को दूर करने में यह चमत्कारी रूप से असरदार रत्न है। इसे माला के रूप में पहनने से रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) बढ़ती है, इसलिए मौसम में हुए बदलावों के कारण हुई आंखों की एलर्जी (कंजक्टिवाइटिस आदि) जैसी नेत्र परेशानियों को दूर करने में यह बेहद कारगर है। साथ ही आंखों की रोशनी बढ़ाता है, चश्मा हटाने में भी लाभदायक है। फ्लूराइट : यह एक ऐसा रत्न है जो बढ़ती उम्र में भी आंखों की रोशनी बढ़ा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका जुड़ाव मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र से होता है, इसलिए लगभग सभी प्रकार के नेत्र रोगों को ठीक कर पाने में यह सक्षम है। यहां तक कि इसे पहनने से काला मोतिया भी ठीक हो सकता है।

Thursday, 18 April 2024

समृद्धि के लिए चांदी से जुड़े ये उपाय जरूर करें

समृद्धि के लिए चांदी से जुड़े ये उपाय जरूर करें

पं. गजेंद्र शर्मा, ज्योतिषाचार्य

सुख-समृद्धि, आयु और आरोग्य की बात हो और चांदी का जिक्र ना आए, यह संभव ही नहीं है। आयुर्वेद में भी प्राचीन धातुएं चांदी और सोने के अनेक प्रयोग बताए गए हैं जिनसे तन और मन को स्वस्थ रखा जा सकता है। चांदी के बारे में तो यहां तक कहा गया है कि इस धातु के बर्तन में नियमित पानी पीने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तंदुरूस्ती भी प्राप्त होती है। चांदी हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान करके आयु में वृद्धि करती है। मां लक्ष्मी की प्रिय धातु भी चांदी और सोना है। मां लक्ष्मी के एक रूप रजत लक्ष्मी की पूजा भी चांदी से ही जुड़ी है। आइए जानते हैं चांदी के जरिए कैसे आप अपने जीवन को सुखी और समृद्धशाली बना सकते हैं। 

हिंदू पूजा पद्धति और ज्योतिष शास्त्र में चांदी को पवित्र और शुद्ध धातु माना गया है। चांदी का संबंध चंद्र और शुक्र से है। घर में चांदी रखना शुभ होता है। यह सौभाग्य की वृद्धि करता है। इसीलिए महिलाएं पायल और बिछिया चांदी की पहनती हैं।

चांदी से जुड़े ये लाभ भी जान लीजिए-

  • मां लक्ष्मी की पूजा में चांदी के बर्तन अवश्य रखें। इनमें चांदी के दीपक, आचमनी, लोटा, घंटी होना शुभ रहता है। इससे वैभवता, संपन्नता आती है।
  • घर की किसी भी दिशा में चांदी की कोई वस्तु रखना शुभ होता है। खासकर ईशान कोण में चांदी का कोई बर्तन अवश्य रखें। यह समृद्धि लाता है। वायव्य कोण में एक मिट्टी के बर्तन में चांदी के चार सिक्के लाल कपड़े में बांधकर रखें। बर्तन को अक्षत चावल से भर दें। इससे धन का आगमन सुगमता से होता है।
  • व्यापारी बंधु अपनी तिजोरी में चांदी का ठोस हाथी रखें। इससे व्यापार में वृद्धि होगी और तिजोरी कभी खाली नहीं रहेगी। अपने जेब में भी छोटा सा चांदी का ठोस हाथी रखें इससे विफलता आपसे दूर रहेगी।
  • यदि परिवार में कोई सदस्य लगातार बीमार चल रहा हो तो तीन गोमती चक्र को चांदी के तार में पिरोकर रखें। बाद में इसे रोगी के सिरहाने पलंग पर बांध दें। जल्द सेहत सुधरने लगेगी।
  • चांदी का आभूषण धारण करने से चंद्र की पीड़ा शांत होती है। 
  • चांदी धारण करने वाले जातक का दिमाग शांत और एकाग्र रहता है। 
  • चांदी धारण करने से त्वचा संबंधी रोग भी दूर होते हैं। चेहरे पर तेज आता है।
  • गले में चांदी की चेन धारण करने से आवाज स्पष्ट और मधुर होती है। चांदी धारण करने से व्यक्ति की वाणी में ओज आता है।
  • चांदी धारण करने से चंद्र के साथ-साथ शुक्र भी मजबूत होता है। इससे मन प्रसन्न रहता है।

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